Monday, July 21, 2014

बुद्ध वाणी




!!! करुणा से ही हम दुसरे जीव की पीडा समझ सकते है।
उसका दुःख दूर कर सकते है। 
हम कितनी भी पुण्य की बातें पढ़ ले कह ले.… 
जब तक वह आपके अपने कृत्य न बन जाये …
तब तक कोई लाभ नहीं !!!