Monday, August 25, 2014

बुद्ध वाणी


!!!  कितने भी धार्मिक ग्रन्थ पढ़ लो,
कितना ही उन्हे कंठस्त कर लो … 
यदि वो तुम्हारे जीवन के क्रित्य ना बने 
तो समझना कुछ भी नहीं किया … !!!